AAP गुजरात की राजनीति में डिजिटल मोर्चे पर आम आदमी पार्टी (AAP) को एक बड़ा झटका लगा है। मेटा (Meta) ने कॉपीराइट उल्लंघन के गंभीर आरोपों के चलते AAP गुजरात के आधिकारिक इंस्टाग्राम हैंडल को ब्लॉक कर दिया है। यह कार्रवाई गुजराती फिल्म उद्योग के कंटेंट का अवैध रूप से उपयोग करने की शिकायतों के बाद की गई है।
क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आम आदमी पार्टी के गुजरात प्रदेश इकाई पर आरोप है कि उन्होंने अपने राजनीतिक प्रचार और रील्स (Reels) में कई गुजराती फिल्मों के वीडियो और ऑडियो कंटेंट का इस्तेमाल बिना किसी अनुमति के किया था। फिल्म निर्माताओं और कॉपीराइट धारकों ने इस “कंटेंट चोरी” के खिलाफ मेटा और संबंधित अधिकारियों के पास शिकायत दर्ज कराई थी। नियमों के मुताबिक, किसी भी कमर्शियल या राजनीतिक प्रचार के लिए कॉपीराइट सामग्री का उपयोग करने से पहले मूल निर्माता की अनुमति अनिवार्य होती है।

मेटा की सख्त कार्रवाई
सोशल मीडिया दिग्गज मेटा ने प्राथमिक जांच और रिपोर्टों के आधार पर कड़ा रुख अपनाते हुए AAP गुजरात के इंस्टाग्राम अकाउंट को प्लेटफॉर्म से हटा दिया है। डिजिटल विशेषज्ञों का मानना है कि बार-बार चेतावनी मिलने के बावजूद यदि नियमों का उल्लंघन जारी रहता है, तो मेटा स्थायी रूप से अकाउंट को सस्पेंड कर देता है। वर्तमान में, पार्टी का यह पेज यूजर्स के लिए उपलब्ध नहीं है, जिससे उनकी पुरानी पोस्ट और लाखों फॉलोअर्स तक पहुंच बाधित हो गई है।
चुनाव और प्रचार पर पड़ेगा असर
गुजरात में आने वाले समय में होने वाली राजनीतिक गतिविधियों और चुनावों के मद्देनजर यह पार्टी के लिए एक बड़ा ‘डिजिटल सेटबैक’ माना जा रहा है। आज के दौर में सोशल मीडिया, विशेषकर इंस्टाग्राम, युवाओं और वोटर्स तक पहुंचने का सबसे प्रभावी माध्यम है। ऐसे में एक स्थापित अकाउंट का बंद होना पार्टी की ऑनलाइन पहुंच (Digital Outreach) को काफी हद तक सीमित कर देगा।
पार्टी की ओर से प्रतिक्रिया का इंतजार
अभी तक इस पूरे मामले पर आम आदमी पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक विस्तृत बयान सामने नहीं आया है, लेकिन पार्टी के सोशल मीडिया सेल द्वारा इस ब्लॉक को हटाने के लिए तकनीकी प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं, विपक्षी दलों ने इस मुद्दे को लेकर ‘नैतिकता’ और ‘बौद्धिक संपदा’ के सम्मान पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। यह घटना अन्य राजनीतिक दलों के लिए भी एक सबक है कि डिजिटल युग में प्लेटफॉर्म के नियमों और कॉपीराइट कानूनों का उल्लंघन भारी पड़ सकता है।


