Cricket कोलंबो के आर. प्रेमदासा स्टेडियम में कल रात जो हुआ, उसकी कल्पना शायद ही किसी श्रीलंकाई प्रशंसक ने की होगी। टी20 वर्ल्ड कप 2026 के एक बेहद महत्वपूर्ण मुकाबले में न्यूजीलैंड ने मेजबान श्रीलंका को 61 रनों के भारी अंतर से रौंदते हुए टूर्नामेंट से बाहर का रास्ता दिखा दिया। भारत के साथ इस विश्व कप की मेजबानी कर रहे श्रीलंका के लिए अपनी ही धरती पर वर्ल्ड कप जीतने का सपना एक झटके में चकनाचूर हो गया।
मैच की कहानी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं थी। न्यूजीलैंड ने पहले बल्लेबाजी की, लेकिन उनकी शुरुआत बेहद खराब रही। एक वक्त ऐसा लग रहा था कि कीवी टीम सस्ते में सिमट जाएगी क्योंकि मात्र 84 रन पर उनके 6 धुरंधर पवेलियन लौट चुके थे। लेकिन यहाँ अनुभवी मिचेल सैंटनर ने कप्तानी पारी खेलते हुए मैच का पासा पलट दिया। उन्होंने कोल मैककॉन्ची के साथ मिलकर न केवल पारी को संभाला, बल्कि 26 गेंदों में 47 रनों की आक्रामक पारी खेलकर स्कोर को 168 तक पहुँचा दिया। यह स्कोर श्रीलंका की मुश्किल पिच पर मनोवैज्ञानिक रूप से बढ़त दिलाने वाला था।
लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंकाई टीम की शुरुआत किसी बुरे सपने जैसी रही। पारी की पहली ही गेंद पर मैट हेनरी ने इन-फॉर्म बल्लेबाज पथुम निसांका को बोल्ड कर सन्नाटा फैला दिया। इसके बाद तो विकेटों की झड़ी लग गई। जहाँ एक ओर कामिंदु मेंडिस और दुनिथ वेल्लालागे संघर्ष करते दिखे, वहीं दूसरी ओर रचिन रवींद्र की फिरकी का जादू चल रहा था। रवींद्र ने पहले बल्ले से 32 रन बनाए और फिर गेंदबाजी में कहर बरपाते हुए 4 विकेट झटककर श्रीलंका की बल्लेबाजी की कमर ही तोड़ दी।
पूरी श्रीलंकाई टीम महज 107 रनों पर ढेर हो गई। इस जीत के साथ न्यूजीलैंड ने सेमीफाइनल की अपनी उम्मीदों को न सिर्फ जिंदा रखा है, बल्कि बाकी टीमों को भी अपनी ताकत का अहसास करा दिया है। वहीं, घरेलू मैदान पर श्रीलंका का इस तरह बाहर होना उनके क्रिकेट इतिहास के सबसे कड़े सबक में से एक रहेगा।


