Gandhidham: एंटी-डंपिंग ड्यूटी चोरी में फंसे राजीव जैन को अस्पताल में भर्ती कराने की कोशिश में जुटे दोस्त
करोड़ों रुपये की एंटी-डंपिंग ड्यूटी चोरी के मामले में फंसे कर्नाटक के हसोवन ग्रुप के राजीव हसोमन जयप्रकाश उर्फ राजीव जैन के खिलाफ गांधीधाम डीआरआई द्वारा कानूनी कार्रवाई के बाद, डीआरआई उनसे जुड़ी अन्य कंपनियों पर भी शिकंजा कसने की तैयारी कर रही है। वहीं, यह भी जानकारी सामने आ रही है कि उनके दोस्त राजीव जैन को भुज के एक अस्पताल में भर्ती कराने की कोशिश कर रहे हैं।
राजीव हसोमन जयप्रकाश उर्फ राजीव जैन ने कर्नाटक में रहते हुए हसोवन प्राइवेट लिमिटेड की स्थापना की थी। महज पंद्रह साल के अंतराल में राजीव जैन ने शुल्क चोरी करके इस कंपनी को करोड़ों रुपये का बना लिया। डीआरआई की जांच में यह सब सामने आया है। अब जब राजीव जैन डीआरआई की हिरासत में हैं, तो उनसे मिलने वालों की भीड़ उमड़ रही है और इसी बीच, पता चला है कि स्वास्थ्य के बहाने उन्हें भुज के एक अस्पताल में भर्ती कराने की योजना बनाई गई है। राजीव जैन को एक तरह का वीआईपी ट्रीटमेंट दिया जा रहा है और उन्हें बेरोकटोक मुलाक़ातें करने की अनुमति दी जा रही है।

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि जाँच के सिलसिले में, गुजरात में डीआरआई की गांधीधाम इकाई ने महावीर डिस्ट्रीब्यूटर्स के एक साझेदार राजीव होसमान जयप्रकाश को 15 सितंबर को गिरफ्तार किया। राजीव होसमान पर 28.24 करोड़ रुपये के सीमा शुल्क चोरी की साजिश का मुख्य संचालक, लाभार्थी मालिक और मास्टरमाइंड होने का संदेह है। सूत्रों ने बताया कि यह खेप पश्चिमी भारत के एक प्रमुख बंदरगाह के ज़रिए भेजी गई थी। माल मलेशिया के रास्ते भेजा गया था।
राजीव एचजे उर्फ राजीव जैन को सीमा शुल्क अधिनियम की धारा 104(4)(बी) और 104(6)(ए) के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया गया। डीआरआई ने आयातित माल की तीन खेपें ज़ब्त कीं।


