Analogue Paneer सावधान! पनीर के नाम पर कहीं आप ‘जहर’ तो नहीं खा रहे? जानें एनालॉग पनीर का कड़वा सच और नए नियम
अगर आप बाहर रेस्तरां में पनीर टिक्का या पनीर बटर मसाला बड़े चाव से खाते हैं, तो यह खबर आपके होश उड़ा सकती है। आज के दौर में बढ़ती महंगाई और मुनाफे की होड़ में कई रेस्तरां असली पनीर की जगह ‘एनालॉग पनीर’ (Analogue Paneer) का धड़ल्ले से इस्तेमाल कर रहे हैं। यह दिखने में तो बिल्कुल पनीर जैसा है, लेकिन इसका सेहत पर असर किसी जहर से कम नहीं है।
क्या है एनालॉग पनीर? (The Fact Check)
असली पनीर शुद्ध दूध को फाड़कर बनाया जाता है, जो प्रोटीन और कैल्शियम का बेहतरीन स्रोत है। इसके विपरीत, एनालॉग पनीर एक कृत्रिम (Synthetic) उत्पाद है। इसमें दूध की एक बूंद भी नहीं होती। इसे बनाने के लिए मुख्य रूप से इन चीजों का इस्तेमाल किया जाता है:
सस्ता पाम ऑयल: जो हृदय के लिए बेहद खतरनाक है।
स्किम्ड मिल्क पाउडर: केवल सफेदी और बनावट के लिए।
कॉर्न स्टार्च और केमिकल: इसे रबर जैसा लचीला बनाने और लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए ‘स्टेबलाइजर्स’ डाले जाते हैं।
FSSAI का सख्त नियम: मेनू कार्ड में जानकारी देना अनिवार्य
भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने इसे लेकर अब कड़े नियम लागू कर दिए हैं। नियम के अनुसार, यदि कोई रेस्तरां अपनी डिश में एनालॉग पनीर (तेल और स्टार्च से बना) इस्तेमाल करता है, तो उसे मेनू कार्ड में स्पष्ट रूप से ‘बोल्ड’ अक्षरों में इसकी जानकारी देनी होगी। ग्राहकों को यह जानने का पूरा हक है कि वे असली डेयरी पनीर खा रहे हैं या कोई केमिकल वाला विकल्प। इस जानकारी को छिपाना कानूनी अपराध है।
सेहत पर होने वाले गंभीर दुष्प्रभाव
एनालॉग पनीर का सेवन आपके शरीर को भीतर से खोखला कर सकता है:
हृदय रोग (Heart Attack): इसमें मौजूद ‘ट्रांस फैट’ धमनियों को ब्लॉक कर देता है, जिससे कम उम्र में ही हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है।
पाचन की समस्या: स्टार्च और केमिकल्स के कारण यह आसानी से नहीं पचता, जिससे एसिडिटी और पेट से जुड़ी गंभीर बीमारियां होती हैं।
लिवर और किडनी पर असर: पनीर को सफेद और ताजा दिखाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले प्रिजर्वेटिव्स लिवर और किडनी को स्थायी नुकसान पहुँचा सकते हैं।
नकली पनीर की पहचान कैसे करें?
महक और स्वाद: असली पनीर में दूध की सौंधी महक होती है, जबकि नकली पनीर गंधहीन होता है और चबाने पर रबर जैसा खिंचता है।
आयोडीन टेस्ट: पनीर के एक टुकड़े पर आयोडीन की कुछ बूंदें डालें। यदि रंग नीला पड़ जाए, तो समझ लें कि इसमें स्टार्च मिलाया गया है।
शिकायत कहाँ करें?
यदि कोई रेस्तरां मेनू कार्ड में जानकारी दिए बिना आपको नकली पनीर परोसता है, तो आप FSSAI की ‘Food Safety Connect’ ऐप पर या टोल-फ्री नंबर 1800-11-2100 पर शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
स्वाद के चक्कर में अपनी सेहत से समझौता न करें। बाहर खाना खाते समय मेनू कार्ड को ध्यान से पढ़ें और संदिग्ध लगने पर सवाल जरूर पूछें। आपकी सतर्कता ही आपके परिवार को सुरक्षित रख सकती है।



